March 18, 2019

Breaking News

How to reach Sarnath, Bus, Train or flight. कैसे जाएं सारनाथ,

भगवान बुद्ध ने सारनाथ में पहला उपदेश दिया

वाराणसी से मात्र 10 km की दूरी पर है सारनाथ

Buddhadarshan News, Varanasi

भगवान बुद्ध को बोधगया में ज्ञान की प्राप्ति हुई। उन्होंने आषाढ़ पूर्णिमा के दिन 5 भिक्षुओं को सारनाथ में पहला उपदेश दिया।  वाराणसी से 10 किमी दूर सारनाथ में दिया। जिसे धम्मचक्कप्रवर्तन के नाम से जाना जाता है। यह स्थान दुनिया में पवित्र ऐतिहासिक स्थलों में से एक माना जाता है।

वैसे तो सारनाथ में ‘सारनाथ’ के नाम से रेलवे स्टेशन है। लेकिन यहां पर एक्सप्रेस ट्रेन नहीं रूकती हैं। देश – विदेश से आने वाले अधिकांश पर्यटक एयरोप्लेन, ट्रेन अथवा बस से पहले वाराणसी आते हैं। यहां से टैक्सी अथवा ऑटो के जरिए सारनाथ आते हैं। वाराणसी से सारनाथ तक बड़े एवं छोटे होटल बने हैं। जहां ठहरा जा सकता है।

Pls read it:  बुद्ध के आठ प्रमुख स्थल: लुम्बिनी, बोधगया, सारनाथ, कुशीनगर

सारनाथ में भी आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारी एवं उत्तर प्रदेश सूचना विभाग के सूचना अधिकारी बैठते हैं, जिनसे आप आवश्यक जानकारी अथवा गाइड ले सकते हैं।

Pls read it:  Sarnath: बुद्ध ने यहीं दिया था पहला उपदेश

वाराणसी के लिए ट्रेन-एयरोप्लेन, बस सर्विस:

वायु मार्ग:

वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रोजाना दिल्ली, मुंबई, कोलकात्ता और चेन्नई से एयरोप्लेन आती हैं। यहां पर स्पाइस जेट, एयर इंडिया, इंडिगो, विस्तारा और जेट एयरवेज की सीधी उड़ान है। अब तो वाराणसी से श्रीलंका के लिए भी सीधी फलाईट सेवा उपलब्ध है।

रेल मार्ग:

देश में चलने वाली प्रमुख ट्रेनें राजधानी एक्सप्रेस, दुरंतो एक्सप्रेस, महानगरी एक्सप्रेस, शिव गंगा सहित कई दर्जन ट्रेनें वाराणसी से गुजरती हैं। इसके अलावा वाराणसी से 17 km दूर मुगलसराय रेलवे स्टेशन से उत्तर भारत की अधिकांश ट्रेनें गुजरती हैं। मुगलसराय भारत का चौथा सबसे व्यस्त रेलवे जंक्शन है।

Pls read it: Holy place of the world, Varanasi

सड़क मार्ग:

भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग 7 वाराणसी को कन्याकुमारी से जोड़ता (2369 km) है। इसके अलावा कोलकाता से पेशावर तक जाने वाला प्राचीन जीटी रोड (ग्रांड ट्रंक रोड) भी (राष्ट्रीय राजमार्ग 2) यहीं से गुजरता है। दिल्ली से कोलकाता को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग 2 की लंबाई 1465 km है। इस मार्ग पर दिल्ली, मथुरा, आगरा, कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी इत्यादि हैं। दिल्ली से आगे इस राजमार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग एक के नाम से जाना जाता है।

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *