February 16, 2019

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Sarnath: बुद्ध ने यहीं दिया था पहला उपदेश

Buddhadarshan News, New Delhi आज से ढाई हजार साल पहले बिहार के बोध गया में सिद्धार्थ से बुद्ध बनने के बाद (ज्ञान प्राप्ति के बाद) भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दुनिया की सबसे प्राचीनतम नगरी वाराणसी के सारनाथ में पांच ब्राह्मणों को दिया था। बौद्ध धर्म के मुताबिक इसे इतिहास में ‘धर्मचक्र प्रवर्तन’ के ...
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कैसे पहुंचे बाबा विश्वनाथ की वाराणसी

Buddhadarshan News, New Delhi दुनिया की सबसे प्राचीन धार्मिक नगरी वाराणसी देश के सभी प्रमुख महानगरों से वायु मार्ग, रेल मार्ग और सड़क मार्ग से जुड़ा है। भगवान बुद्ध, भगवान शंकर, तुलसीदास, संत कबीर, संत रविदास की इस पवित्र नगरी को देखने रोजाना हजारों की संख्या में देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। वाराणसी नगरी...
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TajMahal: मुमताज की कब्र देखने के लिए देने होंगे 200 रुपए

Buddhadarshan News, New Delhi दुनिया भर में प्रेम की निशानी के तौर पर मशहूर सातवां अजूबा ताजमहल का दीदार करना अब महंगा हो गया है। अब ताजमहल के अंदर मुगल बादशाह शाहजहां और उनकी बेगम मुमताज महल की कब्र देखने के लिए आपको 200 रुपए अलग से देना होगा। ताजमहल देखने के लिए अब आपको ...
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बोधगया में तीन दिवसीय बौद्ध महोत्सव संपन्न

Buddhadarshan News, Bodh Gaya बिहार के बोधगया में आयोजित तीन दिवसीय बौद्ध महोत्सव का शनिवार की रात्रि समापन हो गया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरूवार को बोधगया के कालचक्र मैदान में दीप प्रज्जवलित करके इस महोत्सव का उद्घाटन किया था। इस मौके पर उन्होंने 145 करोड़ रुपए की स्वदेश दर्शन योजना के तहत...
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SARNATH

Sarnath-(240 km from Bodh gaya) Lord  Buddha preached here his first historic sermon. Earliar Sarnath was called Rishipattan.The five disciples who followed him there were surprised to see the mesmerizing, glowing countenance of Buddha. They were now ready to address his disciples. This moment is know a...
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LUMBINI

Original name of Gautam Buddha was Siddhartha. He was born in the jungle of Lumbini near Kapilavastu situated in the foothills of Nepal. According to history he was born in 567 BC. Shuddhodana was his father, who was the chief of Shakya Republic. Kapilvastu was his capital. Mahamaya was the name of his...
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KUSHINAGAR

About 487 BC, at Kushinagar near Gorakhpur, he left this world on purnima of baisakh at the age of 80. Earliar it was called Kusinara. It is known for culture heritage all over the world. It is one of four holies places for Buddhist. It is an international Buddhist pilgrimage centre. Many of the ruined...
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BODH GAYA

Lord Buddha got the knowledge under the Peepal tree along the river Niranjana in Bodh Gaya. It is one of the most important Buddhist pilgrimage sites. The place of his Enlightment (present time Mahabodhi Temple)- it is one of the most sought after Buddhist in india as well Asia.  After leaving home, Sid...
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